चीन में दमन
फालुन दाफा अभ्यासियों को चीन में जहाँ इसकी उत्पति हुई, क्यों प्रताडित किया जा रहा है? यह समझ से परे है कि कैसे एक आध्यात्मिक अभ्यास जिसने मई 1992 से जुलाई 1999 तक व्यापक लोकप्रियता प्राप्त की, जिसने लोगों को स्वस्थ बनाया और उनका नैतिक चरित्र मजबूत किया, उनको बेहतर इन्सान बनाया, जिसने देश का विशाल मेडिकल बिल बचाया, उस पर रातोंरात प्रतिबंध लगा दिया जाये.
चीन में 1999 के प्रतिबंध से पहले लगभग 10 करोड़ फालुन दाफा अभ्यासी थे, उनमें से बहुत से पार्टी से भी थे. इसका बढ़ता जनाधार चीनी शासकों को खलने लगा. चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ने फालुन दाफा की शांतिप्रिय प्रकृति के बावजूद, इसे अपने प्रभुसत्ता के लिए खतरा माना और 20 जुलाई 1999 को इस पर पाबंदी लगा दी और इसे कुछ ही महीनों में जड़ से उखाड़ देने की मुहीम चला दी. तबसे फालुन दाफा अनुयाईयों पर चीनी शासक बर्बर दमन ढा रहे हैं, जो बदस्तूर आजतक जारी है.
पिछले दस वर्षों में लाखों लोगों को बंदी बना लिया गया, बेघर कर दिया गया तथा हजारों लोगों को मार डाला गया. किन्तु यह दस वर्ष लम्बा दमन लोगों के विश्वास को आहत नहीं कर सका. फालुन दाफा न केवल चीन में आज भी लोकप्रिय है बल्कि यह विश्व भर में 100 से भी अधिक देशों में लोगों को लाभ पहुंचा रहा है. आप सभी से निवेदन है कि सभ्य दुनिया को इस क्रूरता के बारे में बताने के लिए एक साथ अपनी आवाज उठाएं. आपके इस परोपकार से आप बहुत से निर्दोष लोगों को बचा सकते हैं!
फालुन दाफा के दमन के बारे में अधिक जानकारी के लिए नीचे दिए हुए कुछ लिंक्स और चित्रों को देखें.



मानव अंगों का व्यापार
चीन के अन्दर से मिली ख़बरों के अनुसार, चीन में बंदी बनाये गए फालुन गोंग अभ्यासियों के अंगों का प्रत्यारोपण के लिए व्यापार किया जा रहा है. इस भयानक कृत्य के लिए दर्जनों यंत्रणा शिविर अंग प्रत्यारोपण के लिए स्थापित किये हैं. इसमें अनेक सरकारी और सैन्य अस्पताल भी शामिल हैं. ये खबरें हमें बताती हैं कि चीन में फालुन गोंग का दमन कहीं अधिक व्यापक, क्रूर और भयानक है जो पहले सोचा नहीं गया था.चीन में फालुन गोंग अभ्यासियों के अंगों को निकाले जाने और व्यापार के आरोपों की पूरी जांच रिपोर्ट हिंदी में पढ़ने के लिए यहाँ पर क्लिक करें. http://organharvestinvestigation.net